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भारतीयों के खाने का तरीका दुनिया में सबसे बेहतर, सभी ऐसा करें तो कम होगी ग्लोबल वॉर्मिंग, अमेरिका को हमसे सीखने की जरूरत

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Indian Food- India TV Hindi

Image Source : X/INDIANDIPLOMACY
भारतीय थाली (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर की ताजा रिपोर्ट में भारतीयों के खाने की आदतों को दुनिया में सबसे बेहतर बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारतीयों के खानपान की आदतें अपनाने पर ग्रीन हाउस गैस का उत्सर्जन कम होता है। अगर सभी देश इसे अपनाते हैं तो पर्यावरण का नुकसान बेहद कम होगा। वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर नाम की संस्था वन संपदा संरक्षण और पर्यावरण पर मानव प्रभाव को कम करने के लिए काम करती है। इस स्विटजरलैंड आधारित गैर-सरकारी संगठन को 1961 में स्थापित किया गया था।  

गुरुवार को जारी डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की लिविंग प्लैनेट रिपोर्ट में भारतीय खान-पान के तरीके को जी 20 देशों  में सबसे टिकाऊ बताया गया है। इसमें कहा गया है कि अगर सभी देश भारत के पैटर्न को अपनाते हैं तो 2050 तक पृथ्वी पर खाद्य उत्पादन का समर्थन करना जलवायु के लिए सबसे कम हानिकारक होगा। 

अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया की हालत खराब

इस रिपोर्ट में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के खान-पान की शैली को सबसे खराब बताया गया है। रिपोर्ट में भारत के बाजरा मिशन का खास तौर पर जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है, “अगर दुनिया का हर देश 2050 तक जी-20 देशों के खान-पान पैटर्न को अपना ले तो हमारी जरूरतें पूरी करने के लिए सात पृथ्वी लगेंगी। खाने के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का मानक 1.5 डिग्री सेल्सियस है। जी-20 देशों का खानपान पैटर्न सभी देशों में अपनाए जाने पर इससे 263 फीसदी ज्यादा ग्लोबल वार्मिंग होगी।  

दुनिया को भारत से सीखने की जरूरत

यदि सभी देश भारत के खान-पान पैटर्न को अपनाते हैं, तो 2050 तक हमारी धरती पर मौजूद 84 फीसदी संसाधन हमारी जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त होंगे। इसका मतलब है कि 16 फीसदी संसाधनों का उपयोग भी नहीं होगा। इससे ग्लोबल वॉर्मिंग भी कम होगी और पर्यावरण का संतुलन सुधरेगा। हम अपने 1.5 डिग्री सेल्सियस के लक्ष्य से काफी कम गर्मी उत्सर्जित करेंगे। इससे वातावरण बेहतर होगा। यदि दुनिया अर्जेंटीना का उपभोग पैटर्न अपनाती है तो उसे सबसे अधिक 7.4 पृथ्वी की जरूरत होगी। अर्जेंटीना की खानपान प्रणाली सबसे खराब है, उसके बाद ऑस्ट्रेलिया (6.8), यूएसए (5.5), ब्राजील (5.2), फ्रांस (5), इटली (4.6), कनाडा (4.5) और यूके (3.9) का स्थान है।

राष्ट्रीय बाजरा अभियान की तारीफ

इस रिपोर्ट में जलवायु-अनुकूल बाजरा (पोषक-अनाज) को बढ़ावा देने के लिए भारत के प्रयासों की भी सराहना की गई है। राष्ट्रीय बाजरा अभियान इस प्राचीन अनाज की खपत को बढ़ाने के लिए बनाया गया है। बाजरा स्वास्थ्य के लिए अच्छा है और जलवायु परिवर्तन के मामले में अत्यधिक लचीला है । रिपोर्ट में कहा गया है,”अधिक टिकाऊ आहार खाने से खाद्य उत्पादन के लिए खेतों की जरूरत कम हो जाएगी। इससे चारागाहों की संख्या और क्षेत्र में इजाफा होगा। यह कार्बन उत्सर्जन से निपटने में मददगार होगा। 

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