देवास

120 वर्षों से अनवरत जारी देवास की शाही परंपरा…

इन्फार्म ह्यूमन, देवास। देवास की ऐतिहासिक और रियासतकालीन विरासत का प्रतीक श्रीकृष्ण दिंडी यात्रा आज सीनियर राजबाड़ा से अपार श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक गरिमा के साथ निकाली गई।

राजबाड़ा स्थित प्राचीन मंदिर में विधि-विधान से पूजन के बाद भगवान श्रीकृष्ण को पुष्पों से सुसज्जित पालकी में विराजमान किया गया। देवास राजपरिवार के महाराज विक्रमसिंह पवार ने पालकी को कंधा देकर पीढ़ी-दर-पीढ़ी निभाई जा रही इस गौरवशाली परंपरा का निर्वहन किया।

पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-ताशों की गूंज, भजन-कीर्तन और भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष के बीच निकली दिंडी यात्रा ने पूरे देवास को कृष्णमय कर दिया। यात्रा के मार्ग पर श्रद्धालुओं और नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर भगवान की पालकी का आत्मीय स्वागत किया।

यह दिंडी यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि देवास की राजवंशीय विरासत, सांस्कृतिक चेतना, आस्था और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। लगभग 120 वर्षों से निरंतर चली आ रही यह परंपरा आज भी देवास की विशिष्ट पहचान को पूरी भव्यता के साथ संजोए हुए है।

आस्था भी… परंपरा भी… और देवास की गौरवशाली पहचान भी।

📍 सीनियर राजबाड़ा, देवास
📅 5 सितंबर 2026

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