देवास

एबी रोड और चुनौतियां… विशेष संपादकीय- राजेश व्यास

राजेश व्यास, देवास।

एबी रोड… ठीक नहीं है। होगा कब, पता नहीं। आम लोग परेशान हैं। वर्षों से यही हाल हैं। दिनों-दिन यातायात बढ़ता जा रहा है। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत ने भरपूर कोशिश की। थोड़ा सुधार भी दिखा। किंतु यह एक विभाग से संभव नहीं है। यातायात व्यवस्थित तब होगा, जब मार्ग व्यवस्थित होगा। खासकर बीच हिस्से में, क्योंकि यहां सबसे ज्यादा दबाव है, रहता है। सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण है, स्थायी और अस्थाई। इस बीच बेतरतीब ढंग से सड़क किनारे वाहन खड़े हो जाते हैं। दोनों ओर से सड़क का आधा हिस्सा तो शेष बचा ही नहीं है। यातायात व्यवस्थित हो भी तो कैसे। यह कोई एक विभाग के वश की बात नहीं है। जितने भी जिम्मेदार विभाग हैं उन्हें मिलकर ठोस प्लानिंग करना होगी और फिर प्लानिंग को जमीन पर लागू करना होगा, क्योंकि प्लान तो पहले भी खूब बने, किंतु बैठकों तक ही सिमटकर रह गए। महापौर के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने अपने संकल्प पत्र में यह विषय प्रथम बिंदु पर प्रमुखता से रखा था। प्रचार के दौरान मौखिक तौर पर वादे किए थे, बीच बीच में कोशिशें भी की गईं, किंतु कामयाबी नहीं मिली। अब फिर अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की बात कही है, देखते हैं कितना अमल होता है, हालांकि यह ठीक होना बहुत आवश्यक है, क्योंकि एबी रोड शहर की लाइफ लाइन है। दूसरे शहरों में हम देखें छोटे शहरों को ही लीजिए, अब अमूमन शहरों के मुख्य मार्ग बहुत खूबसूरत और व्यवस्थित होते जा रहे हैं। किंतु हमारे शहर का एबी रोड अब भी प्रयोगशाला ही बना हुआ है, उसका एक बड़ा कारण हम स्वयं भी हैं। गौर कीजिएगा, इस बात पर कि हम स्वयं कितना सहयोग करते हैं शहर के यातायात को व्यवस्थित रखने में, कितना पालन करते हैं यातायात अनुशासन का, जो करते हैं उन्हें बधाई, किंतु जो नहीं करते वे कैसे नहीं करते, मैं बताता हूं, मैं जब भी अपने घर से आफिस के लिए निकलता हूं, देखता हूं अधिकतर बाइक चालक बहुत बेहूदा ढंग से बाइक चलाते हैं, कार के ओन इंडिकेटर तो उन्हें दिखाई ही नहीं देते या देखकर अनदेखा कर देते हैं। मैं स्वयं न संभलूं तो कब कहां कौन बाइक चालक भरा जाए कहा नहीं जा सकता, यह मेरा रोज का अनुभव है, फिर जहां मर्जी पड़ी वाहन खड़े कर देना। मैजिक और यात्री बसों की मनमर्जी से तो आप सब भलीभांति परिचित हैं। आशय यह है कि यह शहर हमारा है। एबी रोड हमारा है, इसे व्यवस्थित करने और रखने की जिम्मेदारी भी हमारे है। एक दूसरे पर, शासन प्रशासन पर अंगुली उठाइए, किंतु पहले खुद को भी ठीक कीजिए, सभी विभाग बैठक करें। शहर के पुराने और अनुभवी लोगों को भी बुलाएं और सभी की सलाह मशवरा से एक ठोस प्लान करें, इसमें जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम हो, तो परिणाम सकारात्मक और सार्थक निकलकर सामने आएंगे। और होना भी चाहिए, आखिर प्रयोग कब तक। एबी रोड बहुत व्यवस्थित और खूबसूरत होना चाहिए, क्योंकि यह तो हमारे शहर की शान है। यह बात वर्षों से कह सभी रहे हैं, समझ भी सभी रहे हैं, किंतु स्थिति और समस्या अभी भी बरकरार है।

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