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Trudeau broke with PM Modi diplomacy Canadian PM described India as an emerging power/पीएम मोदी की कूटनीति से टूट गए ट्रूडो, कनाडा के पीएम ने भारत को उभरती ताकत बता कर जताई घनिष्ठ संबंध बनाने की इच्छा

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कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रुडो और पीएम मोदी (फाइल)- India TV Hindi
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कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रुडो और पीएम मोदी (फाइल)

भारत-कनाडा विवाद के बीच इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। भारत पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप लगाने वाले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पीएम मोदी की कूटनीति के आगे टूट गए हैं। अब ट्रूडो ने भारत को उभरती ताकत बता कर उसके साथ घनिष्ठ संबंध बनाने की इच्छा जाहिर की है। ट्रूडो ने कहा कि भारत एक उभरती वैश्विक शक्ति और आर्थिक भू-राजनीतिक ताकत है। इसलिए महत्वपूर्ण है कि कनाडा और उसके सहयोगी वैश्विक मंच पर उभरते भारत के साथ रचनात्मकता और गंभीरता से जुड़े रहें।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब भारत और कनाडा के रिश्ते बेहद नाजुक दौर में हैं। साथ ही दोनों देशों के बीच मचे कूटनीतिक घमासान के बीच भारत-अमेरिका के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई है। मगर अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की द्विपक्षीय वार्ता के बाद जारी हुई मीडिया ब्रीफिंग में भारत-कनाडा विवाद और निज्जर की हत्या का जिक्र तक नहीं किया गया। इससे कनाडा की उम्मीदों को गहरा झटका लगा है। अब यह बात कनाडा की समझ में आ गई है कि वह अपने बड़े सहयोगियों अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देशों पर दबाव डालकर भारत का कुछ बिगाड़ पाने की स्थिति में नहीं है।

ट्रूडो का तेवर पड़ा ठंडा मगर आरोपों पर टिके

जस्टिन ट्रूडो का तेवर भारत के खिलाफ अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया का रुख नरम देखने के बाद भले ही ठंडा पड़ गया हो, लेकिन खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर हिंदुस्तान पर लगाए गए अपने आरोपों पर वह अब भी अडिग हैं। ट्रूडो ने कहा भारत के खिलाफ विश्वसनीय आरोप होने के बावजूद हम उससे अच्छे रिश्ते बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ट्रूड ने मॉन्ट्रियल के एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। ट्रूडो ने कहा कि हम इंडो-पैसिफिक रणनीति के तहत भारत के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखने के प्रति काफी गंभीर हैं। मगर कानून का शासन वाला देश होने के नाते हम इस बात पर जोर देते हैं कि भारत को कनाडा के साथ इस मामले में मिलकर काम करना चाहिए। ताकि सही तथ्य सामने आ सकें।

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