देश

कुत्ता आपको कभी काट नहीं सकेगा, जब भी हमला करे तो ये तरीके आजमाएं

[ad_1]

कुत्ते के हमले से बचाव के लिए टिप्स।- India TV Hindi

Image Source : REPRESENTATIVE IMAGE
कुत्ते के हमले से बचाव के लिए टिप्स।

नई दिल्ली: इन दिनों कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आए, जिसमें राह चलते किसी भी व्यक्ति पर कुत्ते हमला कर देते हैं। बीते कुछ दिनों में कई बच्चे कुत्तों के हमले से घायल भी हो गए। इस बीच पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने कुत्तों के हमले से बचने के लिए कुछ जरूरी उपाय बताए हैं। इन उपायों को अपनाने से आप भी कुत्तों के हमले से बच सकते हैं। आइये जानते हैं कि कुत्तों के हमले से बचने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग के द्वारा कौन से टिप्स दिए गए हैं।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने कुत्तों के काटने से बचने के जो सुझाव दिए हैं, उनमें बताया गया है कि “कुत्ते के हमला करने पर सिकुड़कर जमीन पर लेट जाएं और चेहरे व शरीर को बचाएं।” विभाग का यह भी कहना है कि “जब कोई कुत्ता आप पर हमला करने वाला हो तो उनसे आंख न मिलाएं और गुर्राते हुए उसके (कुत्ते) पास आने पर स्थिर खड़े रहें व पेड़ होने का नाटक करें।” ऐसा करने पर कुत्तों के हमले से बचा जा सकता है।

साल 2021 में प्रकाशित The State of Pet Homelessness Report के मुताबिक, भारत में 6.2 करोड़ आवारा कुत्ते होने का अनुमान है। इसी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 3.1 करोड़ पालतू कुत्ते होने का अनुमान है। हालांकि अब ये संख्या बढ़ भी सकती है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों के अनुसार, हर साल वैश्विक स्तर पर कुत्तों के हमलों से 55,000 से ज्यादा लोग मारे जाते हैं, जिसमें रेबीज के कारण होने वाली वैश्विक मौतों में से 36% मौतें भारत में होती हैं और दक्षिण-एशिया क्षेत्र में 65% मौतें होती हैं। भारत में मानव रेबीज के लगभग 97% मामले कुत्तों की वजह से होते हैं। इसके बाद बिल्लियां (2%), गीदड़, नेवले एवं अन्य (1%) आते हैं। 

यह भी पढ़ें- 

Char Dham Yatra 2024: चारधाम जाने वाले यात्रियों के लिए अलर्ट, रील्स-वीडियो बनाने पर लगी पाबंदी, वीआईपी दर्शन पर लगी रोक

बॉयफ्रेंड का खौफनाक खूनी खेल, पहले मनाली घुमाया, फिर मर्डर कर बैग में पैक कर दी लाश, ऐसे खुला पूरा राज

Latest India News



[ad_2]

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page