देवास

ब्राह्मण, राजपूत व वैश्य परिवारों में पधारी गोगादेव महाराज की पवित्र छडिय़ां


INFORM HUMAN देवास। 
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ के जिलाध्यक्ष दिनेश मिश्रा के निवास पर पधारी जाहरवीर गोगादेव महाराज की पवित्र छड़ी। जहाँ बड़े हर्षोल्लास के साथ मिश्रा परिवार ने क्षेत्र के सामान्य नागरिकों के साथ पवित्र छड़ी की पूजा-अर्चना की। वही दूसरी ओर विकास नगर में निवासरत उद्योगपति विमल अग्रवाल के निवास पर भी वाल्मीकि समाज बंधु पवित्र छड़ी के साथ पधारे। अग्रवाल परिवार द्वारा धूमधाम से छड़ी की पूजन आरती की। आयोजन में क्षेत्र के रहवासी भी उपस्थित थे। माताए बहने भी अधिक संख्या में मौजूद थी। मुखर्जी नगर में जुझार सिंह राठौड़ ने स्थानीय वाल्मीकि समाज बंधुओ को जाहरवीर गोगादेव महाराज की पवित्र छड़ी के साथ आमंत्रित किया। वे इस आमंत्रित को सहर्ष स्वीकार कर ढोल नगाड़ों के साथ पुष्प व मोरपंख से सुसज्जित पवित्र छड़ी के साथ पधारे। राठौड़ परिवार ने समाज जनों की उपस्थिति में हर्षोल्लास के साथ पवित्र छड़ी की पूजा अर्चना की। इस अवसर पर उज्जैन से पधारे सामाजिक समरसता मंच के प्रांत संयोजक मुकेश दिसावल ने जाहरवीर गोगादेव जी महाराज के गौरवशाली इतिहास का वर्णन करते हुए कहा कि राजस्थान के छह सिद्धों में गोगाजी को समय की दृष्टि से प्रथम माना गया है। आज देश भर में उनकी बहुत अधिक मान्यता है,लगभग हर प्रदेश में उनकी मढ़ी बनी हुई है इनके भक्त सभी जातियों में मिलते हैं। गोगा जी द्वारा गौरक्षा, राज्य विस्तार, विधर्मियों से संघर्ष और अध्यात्मिक साधना जैसे कार्य राष्ट्र के हित में किये गए। जब महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था तब पश्चिमी राजस्थान में गोगा जी ने ही गजनी का रास्ता रोका था, उन्होंने अपने परिवार जनों के साथ समाज व राष्ट्र के लिए अपना बलिदान कर दिया। गोगा जी की आत्याधमिक साधना भी साथ ही चलती थी। उन्हें सांपों के देवता के रूप में भी पूजा जाता है। आज भी सर्पदंश से मुक्ति के लिए गोगाजी की पूजा की जाती है। जाहरवीर गोगा देव जी की छड़ी का बहुत महत्त्व होता है, मान्यता के अनुसार जाहरवीर गोगा देव जी स्वयं छड़ी में निवास करते है । हम सब एक हैं इस नाते सभी को समरसता बनाये रखने का सन्देश दिया। इस आयोजन में पधारे  विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के राष्ट्रीय व प्रादेशिक स्तर पदाधिकारी, विभिन्न समाज प्रमुखों व माताओ बहनों द्वारा पवित्र छड़ी की धूमधाम से आरती की व ततपश्चात प्रसादी ग्रहण की। कार्यक्रम के अंत में छड़ी लेकर उपस्थित वाल्मीकि समाज बंधु महेंद्र भगत, पुरन डिंडोर, राहुल कल्याणे, संदीप क्लोशिय, सावन बंजारे व अन्य साथियो को राठौर परिवार द्वारा सभी को साफा पहनाकर स्वागत किया। उक्त आयोजन में कई समाजजन इस समरस आयोजन के साक्षी बने।

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