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इन्फार्म ह्यूमन, देवास

वाणी में मां सरस्वती का आशीष | देवास की पहचान बने राष्ट्रीय कवि | भाजपा के सच्चे सिपाही, मंच के कुशल संचालक


प्रस्तावना: देवास से देश तक गूँजता नाम

मध्यप्रदेश के देवास जिले का नाम जब साहित्य और काव्य मंचों पर गूँजता है, तो उसके पीछे एक ही नाम सबसे पहले आता है – कवि शशिकांत यादव। जिनके व्यक्तित्व में गजब का आकर्षण है और जिनकी वाणी में मां सरस्वती का आशीष साफ झलकता है।

1. शब्दों का जादूगर, मंच का कुशल संचालक

देश के बड़े-बड़े काव्य मंचों का संचालन जब शशिकांत यादव के हाथ में होता है, तो श्रोता बंध जाते हैं। ओज, व्यंग्य, श्रृंगार और राष्ट्रवाद – कविता की हर विधा पर उनकी पकड़ है। घंटों चलने वाले कवि सम्मेलन में भी वे श्रोताओं को आखिरी पंक्ति तक बांधे रखते हैं। मंच संचालन की कला में वे पारंगत हैं।

2. काव्य में राष्ट्र, जीवन में स्वाभिमान

उनके काव्यांश में भारत की समृद्धि की कामना झलकती है और जीवन को स्वाभिमान से जीने का संदेश भी। वे सिर्फ तुकबंदी नहीं करते, विचार देते हैं। उनकी कविताओं में सीमाओं पर खड़े जवान का दर्द है, गाँव की मिट्टी की खुशबू है, और नए भारत के निर्माण का संकल्प भी है। युवा पीढ़ी को वे अपनी रचनाओं से दिशा देते हैं।

3. भाजपा के सच्चे सिपाही

शशिकांत यादव केवल कवि नहीं, वैचारिक प्रतिबद्धता के भी धनी हैं। भारतीय जनता पार्टी के सच्चे सिपाही के रूप में वे राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक मूल्यों को अपनी कविताओं का आधार बनाते हैं। उनकी कलम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के स्वर को मुखर करती है। पार्टी के कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति ऊर्जा भर देती है।

4. वाणी में मां सरस्वती का वास

कहते हैं कि उनकी वाणी में मां सरस्वती का वास है। जब वे मंच से बोलते हैं तो शब्द नहीं, मोती झरते हैं। देवास से निकलकर उन्होंने पूरे देश में अपनी पहचान बनाई है।

5. देवास को दिलाई राष्ट्रीय पहचान

आज कवि सम्मेलनों के आयोजक जब कहते हैं “देवास वाले शशिकांत यादव जी को आमंत्रित कीजिए”, तो देवास का नाम गर्व से ऊँचा हो जाता है। उन्होंने अपने शब्दों से देवास को काव्य जगत के नक्शे पर विशेष स्थान दिलाया है। वे देवास के साहित्यिक राजदूत हैं।


इन्फार्म ह्यूमन बॉक्स: सत्य उदय सम्मिट, पचमढ़ी

इन्फार्म ह्यूमन द्वारा 19, 20, 21 जून को पचमढ़ी में ‘सत्य उदय सम्मिट’ का आयोजन किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय संवाद कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य, सेवा और राष्ट्र-निर्माण जैसे विषयों पर देशभर के विचारक मंथन करेंगे।

इस सम्मिट में कवि श्री शशिकांत यादव बतौर विशिष्ट अतिथि लाइव संवाद करेंगे। उनके ओजस्वी विचार और काव्य-पाठ सम्मिट का मुख्य आकर्षण रहेंगे। ‘राष्ट्र के निर्माण में साहित्य की भूमिका’ विषय पर उनका उद्बोधन युवाओं के लिए विशेष प्रेरणादायी होगा।


निष्कर्ष: कलम के धनी, विचार के मनी

कवि शशिकांत यादव का व्यक्तित्व बहुआयामी है – वे कवि हैं, वक्ता हैं, संचालक हैं और राष्ट्र के प्रति समर्पित कार्यकर्ता भी। उनकी कविता केवल मनोरंजन नहीं करती, जागरण करती है। उनके शब्द सोए हुए स्वाभिमान को जगाते हैं।

देवास की माटी धन्य है जिसने ऐसा सपूत दिया, जिसकी कलम से राष्ट्र बोलता है और मंच से भारत का गौरव।

“जब तक शब्द में आग है, तब तक शशिकांत यादव का नाम रहेगा” – यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी।

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