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Vladimir Putin, Wagner Army, Yevgeny Prigozhin- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV
वैगनर आर्मी का चीफ येवगेनी प्रिगोझिन

मास्को: रूस और यूक्रेन युद्ध को लगभग डेढ़ साल हो चुके हैं। कोई भी देश हार मानने को तैयार नहीं हैं। एकतरफ जहां यूक्रेन अमेरिका और कई यूरोपीय देशों की मदद से रूस से टक्कर ले रहा था तो वहीं रूस अपनी सेना और प्राइवेट आर्मी ग्रुप वैगनर की मदद से तबाही मचा रहा था। लेकिन अब मामले में ट्विस्ट आ गया है। रूसी राष्ट्रपति की प्राइवेट आर्मी के रूप में जाने जानी वाली वैगनर आर्मी ने अब तख्तापलट की धमकी दी है और इसके लिए वैगनर आर्मी के लड़ाके मॉस्को की तरफ कूच कर चुके हैं। इस प्राइवेट आर्मी का चीफ वगेनी प्रिगोझिन है, जो व्लादिमीर पुतिन का करीबी माना जाता था लेकिन अब इसी ने तख्तापलट की धमकी दी है। आइये जानते है कि आखिरकार वगेनी प्रिगोझिन कौन है, जिसने पुतिन को ही धमकी दे डाली है।  

खिलाड़ी बनना चाहता था प्रिगोझिन लेकिन…

पुतिन के जन्म के 9 साल बाद येवगेनी प्रिगोझिन का जन्म साल 1961 में सेंट पीटर्सबर्ग में हुआ। बचपन में ही उसके पिता की मौत हो गई और उसकी मां एक अस्पताल में काम करती थीं। प्राथमिक पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने एक खेल अकादमी ज्वाइन कर ली और वह वहां रोजाना घंटों क्रॉस-कंट्री स्कीइंग करता था। शुरुआत में वह एक खिलाड़ी बनना चाहता था लेकिन उसका यह सपना पूरा नहीं हो सका, जिसके बाद वह अपराधियों के एक गुट में शामिल हो गया। 

18 साल की उम्र में अंजाम दिया पहला अपराध   

माना जाता है कि उसने 18 साल की उम्र में उसने अपने पहले अपराध को अंजाम दिया था। साल 1980 में उसने एक महिला के साथ लूटपाट को अंजाम दिया। इस घटना के बाद उसने इसी तरह से कई लूट और डकैतियों को अंजाम दिया। इसके बाद साल 1981 में रूस की एक अदालत ने उसे 13 साल कैद की सजा सुनाई गई। हालांकि 1990 में सोवियत संघ के विघटन के बाद उसे रिहा कर दिया गया और वह सेंट पीटर्सबर्ग लौट गया। यहां उसने हॉट डॉग बेचे और इससे वह महीने में एक हजार डॉलर तक की कमाई करने लगा।

अपने रेस्टोरेंट में हुई थी पुतिन से दोस्ती 

इसके बाद येवगेनी प्रिगोझिन ने एक सुपरमार्केट की हिस्सेदारी खरीद ली और साल 1995 में उसने एक रेस्टोरेंट खोला। उसने रेस्टोरेंट को हिट करने के लिए उसमें स्ट्रिपर्स रखीं और उसका यह तरीका काम कर गया। उसके रेस्टोरेंट में शहर के नामी-गिरामी लोग आने लगे। जिनमें उस समय के सेंट पीटर्सबर्ग के मेयर अनातोली सोबचाक और उनके डिप्टी मेयर व्लादिमीर पुतिन भी आया करते थे। यही से प्रिगोझिन और पुतिन को दोस्ती शुरू हुई और आगे बढ़ती ही गई और आज पुतिन का सबसे ख़ास दोस्त ही उसके लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर सामने आया है।

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