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चीन को लेकर राहुल के बयान पर हंगामा।

Image Source : SANSAD TV
चीन को लेकर राहुल के बयान पर हंगामा।

संसद के बजट सत्र में सोमवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाषण दिया। इस दौरान राहुल गांधी ने चीन को लेकर कई ऐसे दावे किए कि हंगामा शुरू हो गया। राहुल गांधी ने दावा किया है कि चीन, भारत की सीमा में घुसा हुआ है और उसने भारत के 4000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा कर रखा है। राहुल गांधी के इस बयान पर एनडीए के सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई है । स्पीकर ओम बिरला ने भी राहुल गांधी को कहा है कि उन्हें इस दावे के बारे में तथ्य पेश करने होंगे।

क्या बोले राहुल गांधी?

लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा कि हमारे सेनाध्यक्ष ने कहा है कि चीन हमारे क्षेत्र के अंदर है। ये एक फैक्ट है। चीन हमारे क्षेत्र में जिस कारण से बैठा वो ये है कि मेक इन इंडिया फेल हो गया है। इसका कारण है कि भारत उत्पादन करने से इनकार कर रहा है और मुझे चिंता है कि भारत इस क्रांति को एक बार फिर चीन के हाथों सौंपने जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि जब हम चीन के साथ युद्ध लड़ेंगे, तो हम चीनी इलेक्ट्रिक मोटरों, चीनी बैटरियों से लड़ रहे होंगे और चीनी ऑप्टिक्स और चीनी बैटरी खरीदेंगे। राहुल गांधी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने इसका खंडन किया है। लेकिन सेना का कहना है कि चीन हमारे क्षेत्र के 4000 वर्ग किमी पर बैठा है।

राहुल गांधी ने कहा कि हमारे पास अमेरिका के रूप में एक रणनीतिक साझेदार है। इस साझेदारी में इस बात पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए कि भारत और अमेरिका इस क्रांति का लाभ उठाने के लिए एक साथ कैसे काम कर सकते हैं। भारत भी अमेरिका जितना ही महत्वपूर्ण है क्योंकि वे हमारे बिना एक औद्योगिक प्रणाली का निर्माण नहीं कर सकते। अमेरिकी वह काम नहीं कर सकते जो भारत कर सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी लागत हमारी तुलना में बहुत अधिक महंगी है। हम ऐसी चीजें बना सकते हैं जिनकी अमेरिकियों ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी।

दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “… यह समझना महत्वपूर्ण है कि AI अपने आप में बिल्कुल निरर्थक है क्योंकि AI डेटा के ऊपर काम करता है। डेटा के बिना AI का कोई मतलब नहीं है… आज एक बात साफ है कि दुनिया में दुनिया में प्रोडक्शन सिस्टम से निकलने वाला हर एक डेटा, वह डेटा जो इलेक्ट्रिक कारों को बनाने के लिए उपयोग किया जाता है, वह आज चीन के के स्वामित्व में है। वहीं, डाटा की खपत अमेरिका स्वामित्व में है। इस क्षेत्र में चीन के पास भारत पर कम से कम 10 साल की बढ़त है। चीन पिछले 10 वर्षों से बैटरी, रोबोट, मोटर, ऑप्टिक्स पर काम कर रहा है। 

 

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