इन्फार्म ह्यूमन, देवास
सेना में भर्ती से सेवानिवृत्ति तक
26 अक्टूबर 1991 को सुरेश सिंह चौहान भारतीय सेना में भर्ती हुए। 31 अक्टूबर 2021 को सेवानिवृत्त हुए। कुल सेवा: 30 साल 6 दिन।
इस दौरान 8 प्रमोशन मिले। 9 मेडल मिले। बॉर्डर पर देश की रक्षा की।
सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा
सेना से आने के बाद कैप्टन चौहान ने नौकरी नहीं की। पूरा समय समाज सेवा को दिया।
1. गांव में काम
अपने गांव में नशा मुक्ति अभियान चलाया। युवाओं को नशे से दूर किया। लड़के-लड़कियों को सेना में भर्ती के लिए तैयार किया। मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार कराया। ओला बनवाया। पेड़ लगवाए।
2. कोरोना काल में सेवा
2020 में लॉकडाउन के समय AB रोड पर सेवा की। पैदल जा रहे मजदूरों को खाना खिलाया। सेवा भारती के साथ मिलकर 45 दिन काम किया। उनका कहना है: “जनहित के काम में ईश्वर साथ देता है।”
3. पूर्व सैनिकों की मदद
आज कैप्टन चौहान खंडवा, खरगोन, बड़वानी के जिला संयोजक हैं। पूर्व सैनिकों और वीर नारियों की मदद करते हैं। पेंशन, इलाज, बच्चों की पढ़ाई में सहायता करते हैं।
26 जनवरी 2024 को भोपाल में पूर्व सैनिकों की परेड में शामिल हुए।
4. सामाजिक मुद्दे
महिलाओं के पुनर्विवाह के लिए काम करते हैं। कहते हैं: “आदमी दूसरी शादी कर सकता है तो महिला क्यों नहीं?”
एक्स सर्विसमैन वेलफेयर सोसाइटी और पूर्व सैनिक सेवा समिति से जुड़े हैं।
आस्था और सेवा
नर्मदा मैया की पैदल यात्रा की है। मोटरसाइकिल और साइकिल से नर्मदा परिक्रमा की है। आश्रमों से जुड़कर सेवा करते हैं।
जीवन का सिद्धांत
कैप्टन चौहान कहते हैं: “मौत एक सच है। आई होगी तो कोई बचा नहीं सकता। नहीं होगी तो कोई मार नहीं सकता। इसलिए डरना नहीं, सेवा करनी है।”
उनका मानना है: “सेना से सेवानिवृत्ति मिल सकती है, सेवा से नहीं। देश पहले था, देश पहले है, देश पहले रहेगा।”
30 साल का अनुभव
सेना ने अनुशासन सिखाया। देशभक्ति सिखाई। सेवा का भाव दिया। आज भी वही भाव लेकर काम कर रहे हैं। गांव, समाज और पूर्व सैनिकों के लिए दिन-रात एक किए हैं।
पिछले 3 साल में उनके प्रयास से 25 से ज्यादा युवा सेना और पुलिस में भर्ती हुए हैं। सैकड़ों परिवारों को मदद मिली है।
सत्य उदय सम्मिट 2026 में संवाद
कैप्टन सुरेश सिंह चौहान ‘सत्य उदय सम्मिट 2026’ के मंच से लाइव संवाद करेंगे। और अपने 30 साल के अनुभव से हम सभी को गौरवान्वित करेंगे।




