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इन्फार्म ह्यूमन। देवास। आईएच के स्पेशल एपिसोड करें योग रहें निरोग के तहत शनिवार को योग विशेषज्ञ चंद्रशेखर तिवारी ने षट्कर्म का महत्व बताया। उन्होंने बताया कि योग में षट्कर्म का बहुत महत्व है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि योग शुरू करने से पहले षट्कर्म उन लोगों के लिए जरूरी है जो स्वस्थ नहीं हैं। स्वस्थ व्यक्ति बिना षट्कर्म के ही योग प्रारंभ कर सकता है। किंतु शर्त यह है कि व्यक्ति योग और आयुर्वेद के मापदंड पर स्वस्थ हो। श्री तिवारी ने स्वस्थ व्यक्ति के गुण बताते हुए कहा कि तीन गुणों के आधार पर व्यक्ति स्वस्थ होना चाहिए जोकि आज के दौर में मुश्किल है। ऐसे में सबसे पहले योग शुरू करने से पहले षट्कर्म आवश्यक है।

पेट से जुड़े रोग
श्री तिवारी ने स्वास्थ्य विषय पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि कब्जियत कई रोगों की जड़ है। पेट साफ नहीं होने से शरीर में हजारों रोग उत्पन्न हो सकते हैं। किंतु लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। मसलन 12-12 घंटे पेट साफ नहीं होता । यह गंदगी शरीर में विकृतियां पैदा करती है। किंतु षट्कर्म के माध्यम से इसे ठीक किया जा सकता है।

कौन हैं चंद्रशेखर तिवारी
ज्ञात हो कि चंद्रशेखर तिवारी योग के जानकार हैं। वे आध्यात्मिक क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे हैं और लोगों को स्वस्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। प्रज्ञा योग निकेतन के माध्यम से वे षट्कर्म भी करवाते हैं।

यह अपील भी की
श्री तिवारी ने आईएच पर करें योग रहें निरोग के तहत आयोजित साक्षात्कार में एक ओर जहां षट्कर्म के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी दी वहीं यह भी अपील की कि षट्कर्म के प्रयोग आनलाइन वीडियो देखकर न करें। यह प्रयोग योग प्रशिक्षक के निर्देशन में ही किये जाएं। बता दें कि श्री तिवारी अगले सप्ताह भी योग में षट्कर्म के महत्व पर आइएच के साक्षात्कार में उपस्थित रहेंगे।

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