राजेश व्यास, देवास।
योग क्या है?… जीवन को श्रेष्ठतम बनाने की महाविद्या, महासूत्र। किंतु हम इसे ठीक से समझ नहीं पाए। हम आकर्षण में उलझकर रह गये। दिखावे में ही उलझे हुए हैं। जरा सी योग क्रियाएं की, वीडियो बनाकर डाल दिया, फोटो शेयर कर दिए, हो गया योग। और थोड़ा बहुत जिन्हें समझ में आया वे योग को तब अपनाते गये जब उन्हें हेल्थ के इश्यूज हुए, तब लगा अब योग करेंगे, जबकि योग तो जीवन शैली का हिस्सा है, स्वस्थ जीवन शैली का रहस्य, इतना ही नहीं योग डब्ल्यूएचओ की स्वस्थ की परिभाषा को पूर्ण करता है। कैसे… पहले यह जानते हैं कि डब्ल्यूएचओ की परिभाषा क्या है। WHO कहता है जो व्यक्ति शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक तौर पर स्वस्थ है, वही पूर्ण स्वस्थ है। आश्चर्य और महत्वपूर्ण बात यह है कि यह परिभाषा योग से ही उपजेति है और उससे बड़ी बात यह है कि योग से ही यह संभव है। योगी इन चारों स्तर पर स्वस्थ रहता ही है इसमें जरा भी संदेह नहीं है। और आगे की बात करें तो योग न सिर्फ यह जन्म बल्कि अगले जन्म या फिर मोक्ष का मार्ग है। किंतु दुख की बात यह है कि हम सिर्फ योग के आकर्षण और दिखावे में उलझकर रह गये हैं। जीवन को हर केंद्र पर स्वस्थ रखने के लिए इस जन्म ही क्या अगले जन्म तक के लिए बेहतरीन हेतु योग को जीवन में बहुत गहराई और आनंद के साथ आत्मसात करने की जरूरत है। कल योग दिवस है। जरूरत है कुछ इस प्रकार की भावनाओं के साथ ही संकल्प लेनी की। तब ही योग दिवस की सफलता परिलक्षित होगी। धन्यवाद।




