
इन्फार्म ह्यूमन, देवास। सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ का नाम नहीं है। यह एक जीवन दृष्टि है, एक वैज्ञानिक परंपरा है, एक समाधान है। और इस परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने वाले कुछ विरले व्यक्तित्व होते हैं। ऐसे ही एक नाम है – आचार्य पं. संदीप तिवारी (शास्त्री)।
पं. संदीप तिवारी जी श्री सनातन ज्योतिष व अनुष्ठान केंद्र के संस्थापक हैं। वे भागवताचार्य, वैदिक ज्योतिष एवं कर्मकांड विशेषज्ञ हैं। उनका जीवन धर्म, सेवा और संस्कृति के संरक्षण को समर्पित है। उनके लिए शास्त्र किताबी ज्ञान नहीं, व्यावहारिक विज्ञान है जिससे समाज का कल्याण संभव है।
भागवताचार्य: कथा नहीं, जीवन परिवर्तन
पं. संदीप तिवारी जी भागवताचार्य हैं। श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा वे सिर्फ सुनाते नहीं, जीना सिखाते हैं। उनकी कथा में श्रोता रोता भी है, हँसता भी है, और सबसे जरूरी – बदलता भी है।
वे मानते हैं कि भागवत का उद्देश्य मनोरंजन नहीं, मनोमंथन है। गृहस्थ जीवन में धर्म कैसे निभाएं, बच्चों में संस्कार कैसे डालें, संकट में धैर्य कैसे रखें – यह सब भागवत के प्रसंगों से वे सरल भाषा में समझाते हैं। देवास, इंदौर, उज्जैन सहित पूरे मालवा-निमाड़ में उनकी कथाओं की मांग रहती है। सप्त दिवसीय भागवत में पूरा पंडाल भक्तों से भर जाता है। क्योंकि लोग जानते हैं – यहाँ कथा मिलेगी, कला नहीं।
वैदिक ज्योतिष: गणना से समाधान तक
पं. संदीप शास्त्री जी वैदिक ज्योतिष के गहरे जानकार हैं। उनके लिए ज्योतिष डराने का नहीं, दिशा देने का शास्त्र है। कुंडली देखकर वे समस्या भी बताते हैं और शास्त्रोक्त समाधान भी।
ग्रह-नक्षत्र, दशा-अंतर्दशा, गोचर-महादशा – इन सबकी गणना के बाद वे सरल उपाय देते हैं। किसी को मंत्र जाप, किसी को दान, किसी को रत्न, किसी को व्रत। लेकिन उपाय वही जो जेब पर भारी न पड़े और शास्त्र सम्मत हो।
यही कारण है कि लोग दूर-दूर से उनके पास परामर्श के लिए आते हैं। विवाह में विलंब, संतान बाधा, व्यापार में नुकसान, कोर्ट-कचहरी, रोग-कष्ट – हर समस्या का निवारण वे वैदिक पद्धति से बताते हैं। उनका मानना है, “ग्रह किसी का बुरा नहीं चाहते। वे तो सिर्फ कर्म का फल देते हैं। ज्योतिष उस फल को सहने की शक्ति देता है।”
कर्मकांड विशेषज्ञ: शुद्धता और प्रमाणिकता के साथ
कर्मकांड के क्षेत्र में पं. संदीप तिवारी जी की विशेषज्ञता है। गृह प्रवेश, विवाह, नामकरण, मुंडन, यज्ञोपवीत, अंत्येष्टि – 16 संस्कार हों या फिर रुद्राभिषेक, नवग्रह शांति, महामृत्युंजय जाप, कालसर्प दोष निवारण – हर अनुष्ठान वे पूर्ण वैदिक विधि-विधान से संपन्न कराते हैं।
उनकी विशेषता है शुद्ध उच्चारण, प्रमाणिक सामग्री और समय की पाबंदी। वे कहते हैं, “मंत्र अगर गलत बोला गया तो फल नहीं मिलता। संकल्प अगर अधूरा हुआ तो यज्ञ अपूर्ण रह जाता है।” इसलिए वे हर अनुष्ठान से पहले यजमान को पूरी प्रक्रिया समझाते हैं। सामग्री की लिस्ट पहले दे देते हैं। दक्षिणा भी तय बता देते हैं – कोई छुपा खर्च नहीं।
यही पारदर्शिता और ईमानदारी उन्हें दूसरों से अलग करती है। आज जब कर्मकांड व्यवसाय बन गया है, पं. संदीप शास्त्री जी उसे सेवा मानते हैं।
श्री सनातन ज्योतिष व अनुष्ठान केंद्र: एक संकल्प
देवास में स्थित श्री सनातन ज्योतिष व अनुष्ठान केंद्र उनका कर्मक्षेत्र है। यहाँ सिर्फ पूजा-पाठ नहीं होता, यहाँ समाधान मिलता है।
केंद्र पर प्रतिदिन कुंडली परामर्श, मुहूर्त शोधन, अनुष्ठान बुकिंग होती है। साथ ही रुद्राक्ष, स्फटिक, रत्न, यंत्र, पूजा सामग्री भी शुद्ध और प्रमाणिक मिलती है। तिवारी जी कहते हैं, “गलत रत्न या नकली रुद्राक्ष पहनने से लाभ की जगह हानि हो जाती है। इसलिए हम प्रमाणिकता की गारंटी देते हैं।”
श्री सनातन सामाजिक रक्षा मंच: धर्म सेवा से जन सेवा तक
पं. संदीप शास्त्री जी केवल व्यक्तिगत अनुष्ठान तक सीमित नहीं हैं। वे श्री सनातन सामाजिक रक्षा मंच, देवास के माध्यम से गौ सेवा, जन सेवा, प्रकृति संरक्षण, धर्म सेवा का कार्य भी कर रहे हैं।
इसी मंच के बैनर तले वे उज्जैन सप्त सागर एवं नौ नारायण दर्शन यात्रा का आयोजन करते हैं। 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक प्रतिदिन एक दिवसीय यात्रा। मात्र ₹551 में दर्शन, चाय, विद्वान ब्राह्मणों का सानिध्य। यह सेवा भाव का उदाहरण है। धर्म को व्यापार नहीं, परोपकार बनाया है उन्होंने।
संपर्क: पंचशील नगर, देवास, अग्रवाल बेकरी के पास
मोबाइल: 7974531063 | 8359946955
व्यक्तित्व: ओजस्वी, सौम्य, सुलभ
पं. संदीप तिवारी जी का व्यक्तित्व ओजस्वी है। चेहरे पर ब्राह्मणोचित तेज, वाणी में शास्त्रों की गंभीरता और व्यवहार में मातृवत सौम्यता। वे युवा हैं, ऊर्जावान हैं, लेकिन परंपरा के प्रति पूर्ण समर्पित हैं।
उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति कहता है – “शास्त्री जी से बात करके मन हल्का हो गया।” क्योंकि वे सुनते ज्यादा हैं, बोलते कम हैं। और जब बोलते हैं तो शास्त्र बोलता है, अनुभव बोलता है।
सनातन के प्रहरी
आज के दौर में जब युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से कट रही है, पं. संदीप शास्त्री जैसे लोग सेतु का काम कर रहे हैं। वे सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं। रील्स, शॉर्ट्स के माध्यम से पंचांग, मुहूर्त, व्रत-त्योहार की जानकारी देते हैं। ताकि नई पीढ़ी भी जुड़े।
वे मानते हैं, “धर्म डराने के लिए नहीं, तारने के लिए है। ज्योतिष भ्रमित करने के लिए नहीं, भरोसा देने के लिए है। कर्मकांड कर्म से कटने के लिए नहीं, कर्म सुधारने के लिए है।”
निष्कर्ष: आचार्य नहीं, मार्गदर्शक
आचार्य पं. संदीप तिवारी (शास्त्री) सिर्फ आचार्य नहीं हैं। वे मार्गदर्शक हैं, संरक्षक हैं, सनातन के प्रहरी हैं। भागवताचार्य के रूप में वे भक्ति जगाते हैं। वैदिक ज्योतिषी के रूप में वे दिशा देते हैं। कर्मकांड विशेषज्ञ के रूप में वे समाधान करते हैं।
देवास का सौभाग्य है कि उसे ऐसा विद्वान मिला है जो शास्त्र और शस्त्र दोनों जानता है – शास्त्र से समस्या काटता है, शस्त्र से धर्म की रक्षा करता है।
“धर्म की रक्षा, हमारी सुरक्षा” – यही उनका मंत्र है, यही उनका मिशन है।



