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इन्फार्म ह्यूमन, देवास। मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरा धार जिले की मांडू तहसील, जहाँ हर कंकर में इतिहास और हर पत्थर में कला बसती है। इसी पुण्यधरा से निकलकर एक बेटी ने अपने कर्म, संकल्प और सेवा से न सिर्फ धार का नाम रोशन किया, बल्कि मांडू की सदियों पुरानी कला को विश्व मानचित्र पर स्थापित कर दिया। वो नाम है – *श्रीमती नेहा वीरेंद्र जायसवाल।*

*सामाजिक कार्यकर्ता, महिला सशक्तिकरण प्रेरक, सफल उद्यमी और भाजपा नेत्री* – ये चारों आयाम जब एक व्यक्तित्व में समाहित होते हैं, तो एक युग-निर्माता का सृजन होता है। नेहा जी उसी युग-निर्मात्री शक्ति का नाम हैं।

*कला एवं उद्यमिता की यात्रा: जड़ों से जुड़ाव, आकाश तक उड़ान*

नेहा जी का बचपन से ही कला के प्रति विशेष लगाव रहा। वर्ष 2001 में ब्यूटी इंडस्ट्री से अपने कार्य की शुरुआत करने वाली यह बेटी जानती थी कि असली सुंदरता आत्मनिर्भरता में है। 2007 में मांडू आकर उन्होंने आर्ट, हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट के क्षेत्र में कदम रखा। लेकिन निर्णायक मोड़ आया वर्ष 2020 में, जब उन्होंने समूह गठन कर *“मांड़वी कलाकृति”* की नींव रखी।

*मांडू प्रिंट और बाघ प्रिंट* – मध्यप्रदेश की ये दो धरोहरें समय के साथ विलुप्ति के कगार पर थीं। नेहा जी ने बताया कि उन्होंने ने महारानी अहिल्या माता होलकर एवं रानी रूपमती से प्रेरणा लेकर इन पारंपरिक कलाओं को न सिर्फ संरक्षित किया, बल्कि समृद्ध कर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाया। आज “रानी रूपमती हैंडलूम” और “समूह” के उत्पाद दिल्ली के भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले से लेकर जयपुर के अंतर्राष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन तक धूम मचा रहे हैं।

20 अगस्त 2021 का दिन मांडू के इतिहास में दर्ज हो गया, जब तत्कालीन कलेक्टर आलोक सिंह जी ने कारखाने का अवलोकन कर महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। उनकी अनुशंसा पर ग्रामीण महिलाओं को रेशम विभाग और हस्तशिल्प में पंजीयन मिला। 1 नवंबर 2021, मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर भोज उद्यान धार में आयोजित प्रदर्शनी को कलेक्टर पंकज जैन जी ने सराहा। ये सरकारी मान्यताएं बताती हैं कि नेहा जी का कार्य केवल एक एनजीओ नहीं, बल्कि एक आंदोलन है।

*उद्देश्य एवं दृष्टिकोण: महिला सशक्तिकरण जीवन का उद्देश्य है*

नेहा जी का दृढ़ विश्वास है – *“जब तक ग्रामीण एवं जनजातीय महिलाएं आत्मनिर्भर नहीं होंगी, तब तक समाज का संपूर्ण विकास संभव नहीं है।”* उनके लिए महिला सशक्तिकरण कोई कार्यक्रम नहीं, जीवन का उद्देश्य है।

उन्होंने सैकड़ों महिलाओं को बाघ प्रिंट का प्रशिक्षण दिया। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से 30 प्रशिक्षणार्थियों को, विकास आयुक्त हस्तशिल्प विभाग के अंतर्गत 30 प्रशिक्षणार्थियों को, डीएसआईएफडी इंदौर के 70 विद्यार्थियों को, ज्ञानोदय महाविद्यालय के 40 विद्यार्थियों को, सेज विश्वविद्यालय के 60 विद्यार्थियों को – ये आंकड़े नहीं, ये सैकड़ों परिवारों की बदलती तकदीर है।

अंतर्राष्ट्रीय बेटी दिवस 24 जनवरी 2022 को बालिकाओं को निःशुल्क बाघ प्रिंट प्रशिक्षण, बाघ प्रिंट साड़ियों के माध्यम से मांडू में जागरूकता रैली, जनजातीय महिलाओं को स्वास्थ्य एवं पोषक आहार के प्रति जागरूक करना – नेहा जी का कार्य बहुआयामी है। वो केवल कला नहीं सिखातीं, वो आत्मविश्वास, सम्मानजनक पहचान और आर्थिक सशक्तिकरण देती हैं।

*राजनीतिक दायित्व: सेवा से संगठन तक*

नेहा जी का कार्य केवल सामाजिक दायरे तक सीमित नहीं है। भाजपा बुनकर प्रकोष्ठ, धार जिला संयोजक के रूप में 27 मई 2022 से, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष नालछा, महिला मोर्चा जिला महामंत्री धार, भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य – हर दायित्व को उन्होंने सेवा का माध्यम बनाया।

बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक महिलाओं को जोड़ने, प्रशिक्षण देने और नेतृत्व विकसित करने का कार्य किया। विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में प्रभारी रहते हुए प्रत्येक बूथ तक प्रवास कर संगठनात्मक कार्य किया तथा पार्टी द्वारा अधिकृत प्रत्याशियों को विजयश्री प्राप्त हुई। 10 अगस्त 2023 को जायसवाल महिला क्लब – प्रदेश सांस्कृतिक मंत्री नियुक्त होना उनके सांस्कृतिक योगदान की स्वीकृति है।

*विशिष्ट उपलब्धियां: सम्मान की अविरल यात्रा*

नेहा के मुताबिक उनके कार्यों को शासन, प्रशासन और समाज – तीनों ने मुक्त कंठ से सराहा है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी चौहान द्वारा समूह एवं रानी रूपमती हैंडलूम का अवलोकन एवं सराहना, मुख्यमंत्री मोहन जी यादव द्वारा कारखाना अवलोकन एवं शुभकामनाएं, केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर जी द्वारा कारखाने का दौरा – ये सभी इस बात के प्रमाण हैं कि नेहा जी का कार्य नीति-निर्माताओं तक पहुँचा है।

*सम्मानों की सूची लंबी है और गौरवशाली है:* अंतर्राष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन जयपुर में इंडियन डायमंड डिग्निटी अवॉर्ड 20 सितंबर 2024, नई दुनिया आइकॉन ऑफ धार 2025, राष्ट्रीय नारी सशक्तिकरण संघ भोपाल द्वारा सम्मान, चतुर्भुज श्रीराम मंदिर महामंडलेश्वर श्री 1008 डॉ. नरसिंह दास जी महाराज द्वारा रानी रूपमती हैंडलूम एवं समूह का उद्घाटन, प्रतिभा सम्मान, सोनचिरैया दीपोत्सव सम्मान, नारी शक्ति सम्मान, प्राइड ऑफ एमपी अवॉर्ड पीथमपुर, उत्कृष्ट प्रदर्शन पुरस्कार – दैनिक सेवामहे मध्यप्रदेश दूरसंचार, कलचुरी नायिका सम्मान।

खरगोन बिजनेस वुमेन एम्पावरमेंट में प्रस्तुत मिस एंड मिसेज गृहलक्ष्मी 2025, सांची क्लस्टर इंडिया कार्यक्रम मांडव में विशेष अतिथि 9 जुलाई 2023, सुषमा स्वराज अवॉर्ड – भाजपा महिला मोर्चा, हाइटफेस्ट क्रिएशन एंपावर अवॉर्ड इंदौर कॉलेज, फेस्टोनिक्स फैशन नाइट सत 4 में सहभागिता – ये सभी सम्मान बताते हैं कि नेहा जी बहुआयामी प्रतिभा की धनी हैं।

*प्रशासनिक मान्यता: सिस्टम का विश्वास*

25 अगस्त 2021 को कलेक्टर महोदय द्वारा मांडव स्थित इकाई का अवलोकन, 3 नवंबर 2021 को कलेक्टर पंकज जैन द्वारा बाघ प्रिंट कार्य की प्रशंसा, नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मांडू प्रिंट की प्रभावशाली प्रस्तुति, उड़ीसा के कटक स्थित बाराबती स्टेडियम में राष्ट्रीय मेले में सहभागिता – प्रशासन का यह विश्वास यूं ही नहीं मिला।

एसडीएम महोदया द्वारा मांडू स्टॉल का निरीक्षण एवं सराहना, Saree Culture की हेड सुनीला दुबे एवं इंदौर टीम द्वारा मांडव आगमन – ये सभी इस बात के गवाह हैं कि नेहा जी का मॉडल स्केलेबल है, रेप्लिकेबल है।

*इन्फॉर्म ह्यूमन तृतीय वर्षगांठ पर सम्मान: योग्य को योग्य सम्मान*

आज जब इन्फॉर्म ह्यूमन अपनी तृतीय वर्षगांठ *“3 साल… अनवरत, अविरल, अडिग”* की थीम पर मना रहा है, तो *“सत्य उदय पचमढ़ी राज संगम”* में नेहा वीरेंद्र जायसवाल जी का सम्मान केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है। ये सम्मान है उस सोच का जो कहती है – *“जनकल्याण ही सर्वोपरि”*।

नेहा जी मांडू की उन हजारों महिलाओं की आवाज हैं जो प्रतिभावान हैं पर अवसर के अभाव में दबी हैं। वो उस भारत की प्रतिनिधि हैं जहाँ परंपरा और प्रगति साथ-साथ चलती हैं। वो उस नारी शक्ति की मिसाल हैं जो घर भी संभालती है और विश्व भी जीतती है।

*उपसंहार: कला, करुणा और कर्तव्य की त्रिवेणी*

श्रीमती नेहा वीरेंद्र जायसवाल जी *“कला, करुणा और कर्तव्य की त्रिवेणी”* हैं। कला से रोजगार, करुणा से सेवा, और कर्तव्य से राष्ट्र निर्माण – इनके जीवन का यही मूल मंत्र है।

*सत्य उदय पचमढ़ी राज संगम | 19-21 जून 2026* में जब विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों का सम्मान होगा, तो नेहा जी का नाम भी होगा। क्योंकि उन्होंने सिद्ध किया है कि एक महिला की इच्छाशक्ति से एक क्षेत्र की तकदीर बदल सकती है, एक कला को पुनर्जन्म मिल सकता है, और सैकड़ों परिवारों को सम्मानजनक जीवन मिल सकता है।

*इन्फॉर्म ह्यूमन परिवार गर्व से श्रीमती नेहा वीरेंद्र जायसवाल जी का वंदन-अभिनंदन करता है।
*आपके कार्य ही आपके सबसे बड़े प्रशस्ति-पत्र हैं।
*जनकल्याण ही सर्वोपरि – आपके जीवन से यह सिद्ध होता है।*

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