इन्फार्म ह्यूमन, देवास

प्रस्तावना: व्यक्तित्व में चुंबकत्व
राजनीति में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जिनके व्यक्तित्व में एक गजब का आकर्षण होता है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल ऐसे ही शानदार व्यक्तित्व के धनी हैं। पहली मुलाकात में ही हर व्यक्ति इनसे प्रभावित हो जाता है। इनकी आवाज में दम, आंखों में आत्मविश्वास और चेहरे पर तेज – ये सब मिलकर इनके व्यक्तित्व को चुंबकीय बनाते हैं।
दबंग और कद्दावर नेता: दो विशेषताओं का संगम
राजीव खंडेलवाल जी को लोग दबंग नेता कहते हैं, और सही कहते हैं। गलत के सामने झुकते नहीं, कार्यकर्ता के हक के लिए लड़ जाते हैं। साथ ही ये कद्दावर नेता भी हैं। इनका कद संगठन में भी बड़ा है और समाज में भी। कार्यकर्ता की हर तकलीफ को अपने ऊपर ले लेते हैं। दबंगई में अहंकार नहीं, दर्द के लिए खड़े होने का जज्बा है।
धेय्य वाक्य: चरैवेति-चरैवेति
श्री खंडेलवाल मानते हैं कि पद मिले या ना मिले लेकिन सेवा करते चलो, संगठन का काम करते चलो, समाज की सेवा करते चलो। “चरैवेति-चरैवेति” यही उनका ध्येय वाक्य है। चलते रहो, रुकना नहीं। इनके लिए पद प्रतिष्ठा नहीं, जिम्मेदारी है। सेवा का जुनून इनके रग-रग में है।
संगठन के प्रति समर्पण: विश्वास और सेवा के पर्याय
भारतीय जनता पार्टी में लंबे अरसे से लगातार सेवाएं दे रहे हैं। इन्होंने युवावस्था से ही संगठन को अपना जीवन माना। विश्वास सेवा के प्रति संवेदनशील हैं, विश्व संगठन के प्रति समर्पित हैं। जिलाध्यक्ष के कार्यकाल में इन्होंने भाजपा देवास को एक परिवार की तरह जोड़ा।
इनके लिए संगठन पहले, व्यक्ति बाद में। बूथ से लेकर जिला तक हर कार्यकर्ता का नाम, काम और सम्मान इन्हें याद रहता है। कार्यकर्ता के सुख-दुख में सबसे पहले पहुंचने वाले नेता हैं राजीव जी।
अनुभव: राजनीति की पाठशाला
इन्हें राजनीति का गहरा अनुभव है। छात्र राजनीति से लेकर जिला अध्यक्ष तक का सफर इन्होंने जमीन पर पसीना बहाकर तय किया है। चुनाव प्रबंधन, संगठन विस्तार, जन आंदोलन – हर मोर्चे पर इनकी रणनीति विरोधियों को चौंकाती है।
ये बोलते कम हैं, करते ज्यादा हैं। इनकी चुप्पी में भी रणनीति होती है और भाषण में भी संगठन का संदेश।
सर्वप्रिय व्यक्तित्व: पक्ष भी अपना, विपक्ष भी कायल
संगठन और भारतीय जनता पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ताओं के प्रिय हैं। कार्यकर्ता इन्हें “भैया” कहकर बुलाते हैं क्योंकि ये बड़े भाई की तरह संरक्षण देते हैं।
पर इनके व्यक्तित्व का असली कमाल ये है कि विपक्ष के लोग भी इनको उतना ही सम्मान देते हैं। क्योंकि राजीव जी वैचारिक विरोध करते हैं, व्यक्तिगत नहीं। इनकी ईमानदारी और स्पष्टवादिता के विरोधी भी कायल हैं।
निष्कर्ष: देवास भाजपा का कद्दावर चेहरा
राजीव खंडेलवाल जी शानदार व्यक्तित्व के धनी हैं। दबंगई और संवेदनशीलता का ऐसा संगम विरले ही दिखता है। इन्होंने साबित किया है कि नेता वही जो कार्यकर्ता का दर्द अपना माने।
इनका आकर्षण पद से नहीं, प्रवृत्ति से आता है। इसीलिए ये सत्ता में हों या संगठन में, इनका कद हमेशा बड़ा रहता है।
श्री खंडेलवाल इन्फॉर्म ह्यूमन की प्रति वर्षगांठ पर पचमढ़ी में आयोजित सत्य उदय समिट 2026 में बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल होकर लाइव संवाद में अपने महत्वपूर्ण विचारों से हम सबको मार्गदर्शन देंगे।



