इन्फॉर्म ह्यूमन, देवास
दिनांक: 13 मई 2026
पचमढ़ी से गूंजेगा देवास के ‘संत-नेता’ का उद्बोधन – “सत्ता नहीं, सेवा ही धर्म है”
मनीष सेन जैसे नेता कम ही होते हैं
पचमढ़ी से गूंजेगा देवास के ‘संत-नेता’ का उद्बोधन – “सत्ता नहीं, सेवा ही धर्म है”
मनीष सेन जैसे नेता कम ही होते हैं
देवास की राजनीति में 30 वर्षों से अधिक समय से मर्यादा और संयम की मिसाल कायम करने वाले, नगर निगम के सत्ता पक्ष के सीनियर नेता पार्षद मनीष सेन आगामी 19, 20 और 21 जून 2026 को पचमढ़ी में आयोजित “सत्य उदय सम्मिट 2026” में बतौर मुख्य वक्ता मंच की शोभा बढ़ाएंगे।
इन्फॉर्म ह्यूमन द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय चिंतन शिविर का केंद्रीय भाव है – “सकारात्मक भारत, संस्कारवान समाज”।
3 दशक का अनुभव, बात के धनी संत-नेता
गहरी दाढ़ी, माथे पर चंदन का तिलक और भगवा साल – मनीष सेन का व्यक्तित्व पहली नजर में ही संत का आभास देता है। “बात के धनी मनीष सेन” – ये देवास की सियासत में कहावत है। कम बोलते हैं, लेकिन जब बोलते हैं तो शब्दों में वजन होता है। 30 वर्ष के बेदाग राजनीतिक जीवन में इन्होंने कभी विवाद का दामन नहीं थामा।
निर्विवाद छवि, धीर-गंभीर वाणी और नगर निगम के कानूनों के मर्मज्ञ मनीष सेन “आध्यात्मिक राजनीति से सामाजिक उत्थान” विषय पर सम्मिट को संबोधित करेंगे। इनकी वाणी में 30 साल के अनुभव की गहराई और संतत्व की मिठास दोनों झलकती है।
जमीन से उठकर शीर्ष तक पहुंचे मनीष सेन पद की दौड़ से कोसों दूर हैं। 3 दशक बाद भी इनके लिए राजनीति सत्ता का नहीं, सेवा का पर्याय है। सच कहें तो मनीष सेन जैसे नेता कम ही होते हैं जो 30 साल बाद भी सादगी, सेवा और संस्कार को नहीं छोड़ते।
पचमढ़ी से मिलेगा राष्ट्र-निर्माण का सूत्र
सम्मिट में मनीष सेन बताएंगे कि “जब राजनीति में संतत्व उतरता है, तो राष्ट्र निर्माण होता है”। युवाओं को इनका सीधा संदेश होगा – “कुर्सी नहीं, कर्तव्य बड़ा होता है”।
इन्फॉर्म ह्यूमन के अनुसार, “मनीष सेन का 30 साल का अनुभव और बात का वजन ही इनकी सबसे बड़ी योग्यता है। ऐसे नेता विरले ही होते हैं जिनका आचरण ही भाषण है।”
सम्पर्क:
इन्फॉर्म ह्यूमन – मीडिया प्रोडक्शन हाउस, देवास
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📦 बॉक्स: कौन हैं ‘संत-नेता’ मनीष सेन?

- ओहदा: सीनियर पार्षद, सत्ता पक्ष के नेता, देवास नगर निगम
- अनुभव: 30 वर्ष से अधिक का बेदाग राजनीतिक जीवन
- पहचान: राजनीति में संतत्व, निर्विवाद व्यक्तित्व, धीर-गंभीर शैली
- खासियत: बात के धनी – कम शब्द, पक्की बात। वाणी में अनुभव का वजन
- मास्टरस्ट्रोक: नगर निगम के कानूनों के जानकार, जमीन से जुड़े नेता
- लिबास-ए-संस्कार: गहरी दाढ़ी, तिलक, पजामा-कुर्ता, भगवा साल
- राजनीतिक दर्शन: संयम, धैर्य, सेवा भाव – 30 साल में भी पद की लालसा नहीं
- सम्मिट में भूमिका: “सत्य उदय सम्मिट 2026” में मुख्य वक्ता, 20 जून, पचमढ़ी



