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भारतीय सेना के मेजर
Image Source : ANI
भारतीय सेना के मेजर

पहलगाम आतंकी हमले का बदला भारत ने ले लिया है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। भारत के हमले में कई आतंकी भी मारे गए हैं। भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस को भी तबाह कर दिया है। भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले हफ्ते काफी संघर्ष हुआ था। इस मामले पर जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के एक मेजर ने कहा, ‘गोली उन्होंने चलाई थी पर धमाका हमने किया।’

ऑपरेशन सिंदूर के लिए पहले से थे तैयार

सेना के मेजर ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर कोई प्रतिक्रिया नहीं थी। यह एक सोची-समझी और मिशन ओरिएटेंड स्ट्राइक थी। हमारा इरादा बहुत स्पष्ट था। हमें दुश्मन के आतंकी ढांचे और घुसपैठ में मदद करने वाली चौकियों को नष्ट करना था। हम इसके लिए पूरी तरह से मानसिक, सामरिक और तार्किक रूप से तैयार थे।’ 

हमारी तरफ से कोई नहीं हुआ हताहत

मेजर ने कहा, ‘इसके लिए हमारे पास स्वदेशी उन्नत रडार सिस्टम और अपने टार्गेट को हिट करने वाले हथियार थे।  इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात हमारे सैनिकों का जज्बा था। पाकिस्तान की तरफ से बहुत ज्यादा गोलाबारी हुई। मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि हमारी तरफ से कोई हताहत नहीं हुआ।’

हमारा इरादा स्पष्ट था- मेजर

 सेना के मेजर ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य उनके आतंकी ढांचे को नष्ट करना था। जब उन्होंने हमारे नागरिक क्षेत्र और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना शुरू किया, तो हमारा इरादा स्पष्ट था। अगर वे हमारे गांव पर गोले दागेंगे, तो हम उनकी चौकी भी नष्ट कर देंगे। हमारा हर गोला उनके लिए जवाब था। हमने सुनिश्चित किया कि कोई भी नागरिक न मारा जाए।’

पाकिस्तान के मनोबल को भी गिराया

सेना के अधिकारी ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल उनकी चौकियों को नष्ट किया, बल्कि उनके मनोबल को भी गिराया। हमारे पास अपना मौका था और हमने इसका पूरा फायदा उठाया। हमने ऐसा जवाब दिया है कि वे इस ऑपरेशन को हमेशा याद रखेंगे और भविष्य में कुछ भी करने से पहले सौ बार सोचेंगे।’ 

अखनूर सेक्टर में दिया गया करारा जवाब

भारतीय सेना के तोपखानों ने अखनूर सेक्टर में साहस और सटीकता का शक्तिशाली प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन के दौरान करारा जवाब दिया।

दुश्मन की अग्रिम चौकियों को निशाना बनाया

वहीं, भारतीय सेना के एक जवान ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के तहत हमारा काम बहुत स्पष्ट था। हमें दुश्मन की अग्रिम चौकियों को निशाना बनाना था, जो आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे और घुसपैठ का समर्थन कर रही थीं, और उन्हें सटीक रूप से बेअसर करना था। जब दुश्मन ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और हमारी अग्रिम चौकियों को निशाना बनाने की कोशिश की, तो हमारी प्रतिक्रिया बहुत मजबूत, सटीक और प्रभावी थी।’

बंदूक से दागी गई हर गोली बहुत सटीक थी

सेना के जवान ने कहा, ‘बंदूक से दागी गई हर गोली बहुत सटीक थी और लक्ष्य को बेअसर कर देती थी। दुश्मन को बहुत नुकसान हुआ और उनके शिविर और सैन्य अड्डे में बहुत दहशत फैल गई। दुश्मन इस गोलीबारी को कई दशकों तक याद रखेगा।’ (इनपुट-एएनआई)





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