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राजेश व्यास। INFORM HUMAN। आज सभी के मन व्यथित हैं, दुखी हैं। मीडिया के साथियों में आक्रोश है। सवाल दर सवाल उठ रहे हैं। सामाजिक संगठनों व अन्य वर्ग में भी आक्रोश की यही स्थिति है। मीडिया के साथी अपना दायित्व निभा रहे हैं, संवेदनशील व्यक्तित्व आवाज उठा रहे हैं, और यह जरूरी भी है और अत्यंत आवश्यक भी, विषय गंभीर है, हमनें अपनी एक होनहार बेटी रीना ठाकुर को खो दिया है, परिजनों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है, रीना एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थी, पिछले दिनों सड़क दुघर्टना में गंभीर घायल हो गयी थी, इंदौर के बाम्बे अस्पताल में रीना का इलाज चल रहा था, किंतु दुर्भाग्य यह रहा कि रीना बेटी अब हमारे बीच नहीं रही, जबकि परिजनों के साथ साथ देवास के तमाम संवेदनशील व्यक्तित्व रीना को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे थे, हमारे मीडिया साथी तीन दिन पहले ही आर्थिक मदद के लिए आगे आए थे, कलेक्टर से मिले थे, कलेक्टर ने भी तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल में बात की और आर्थिक मदद का भी भरोसा जताया, इधर देवास के तमाम संवेदनशील हृदय व्यक्तित्व अपने अपने स्तर से आर्थिक मदद कर रहे थे, किंतु दो दिन बाद जब रीना के निधन की खबर सुनी तो सब दुखी हो गये, परिजनों पर दुख का पहाड़ टूट गया, दुख के साथ साथ सभी के मन में आक्रोश है, गुस्सा है, गुस्सा है शहर की बदहाल यातायात व्यवस्था को लेकर, जोकि वर्षों से बदहाल है, नवागत पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत इस बदहाल व्यवस्था को ठीक करने में लगातार लगे हुए हैं, किंतु वर्षों की यह बदहाली हर जिम्मेदार विभाग की सहभागिता और हर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि का मन से सहयोग मांग रही है, रीना तो हमारे बीच नहीं रही, रीना के परिजन जिस दुख को सह रहे हैं उसे शब्दों से व्यक्त करना असंभव है, किंतु बेटी रीना को न्याय मिले और भविष्य में फिर इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण सड़क दुघर्टना न हो, इसके लिए पूरे शहर को आगे आना होगा, सभी को हम सभी को शहर की यातयात व्यवस्था को ठीक करने का संकल्प लेना होगा, अव्यवस्था बहुत है, तकनीकी खामियां हैं, लापरवाही है, सघन काम करने की जरूरत है, आनन फानन में कुछ भी ठीक नहीं होगा, ब्लैक स्पाट चिह्नित करने की आवश्यकता है, रिव्यू मीटिंग की जरूरत है, हर‌ वर्ग से सुझाव सहयोग और सलाह की आवश्यकता है, जिम्मेदारी सभी की है, हमनें एक ऐसी बेटी को खोया है जो बहुत होनहार थी, डाक्टरी की पढ़ाई कर रही थी, चिराग जिसका बुझता है उसका दर्द वही जानता किंतु अब आगे ऐसा नहीं हो अव्यवस्थाओं के कारण किसी परिवार के ऊपर दुख का पहाड़ न टूटे इसके लिए बहुत आवश्यक है कि देवास की बदहाल यातायात व्यवस्था को ठीक करने सब आगे आएं, और अपनी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें, यही बेटी रीना के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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