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राजेश व्यास, देवास
इलाज के नाम पर आफर दिए जा रहे हैं… अस्पताल हैं या शोरूम.. ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि अभी तक आफर देने की परंपरा हमनें शोरूम पर ही देखी है…मसलन यह सामान खरीदने पर यह सामान मुफ्त…आफर सीमित समय के लिए… वगैरह-वगैरह… किंतु आजकल ऐसे आफर बड़े बड़े निजी अस्पतालों में देखने को मिल रहे हैं… देवास में एक निजी अस्पताल है…. आंखों का.. जो चश्मे से आजादी दिलाने के नाम पर ऑफर दे रहा है… उस ऑफर के माध्यम से आंखों की सर्जरी कराने पर दवाइयां निशुल्क हैं और यह ऑफर 26 जनवरी तक ही है। ऐसा एक मामला नहीं है और भी कई अस्पताल हैं जो इस तरह के लुभावने ऑफर मरीजों को दे रहे हैं.. मेरा प्रश्न यह है कि अस्पताल जहां पर जीवन दिया जाता है लोगों को अस्पताल जहां पर मरीजों का इलाज किया जाता है अस्पताल जहां पर मरीज उम्मीद लेकर पहुंचता है अस्पताल जहां पर बेहतर इलाज की आस में आम लोग पहुंचते हैं… अस्पताल जहां पर डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है… क्या ऐसी स्थिति में शोरूम की तरह अस्पतालों में ऑफर दिए जाना लाजमी है बावजूद होना या चाहिए की बेहतर इलाज का भरोसा जताया जाए होना यह चाहिए कि इस तरह का प्रचार हो कि उनके अस्पताल में कितने भरोसे का इलाज होता है क्योंकि आज के दौर में जब कोई व्यक्ति या किसी व्यक्ति के परिवार का परिजन बीमार होता है तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है कि वह कहां दिखाएं कौन से अस्पताल में दिखाएं ऐसे में अस्पताल ऑफर का प्रचार करने के बजाए है इन बातों का प्रचार करें कि उनके यहां जो डॉक्टर हैं उनके यहां जो इलाज की पद्धति है वह बहुत भरोसेमंद है और बहुत विश्वास के साथ इलाज किया जाता है ऐसे केस स्टडी का प्रचार प्रसार किया जाए ताकि आम लोगों को बेहतर मार्गदर्शन इलाज के लिए मिल सके।

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