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प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi

Image Source : REPRESENTATIVE IMAGE
प्रतीकात्मक फोटो

लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके तहत अब तीन पड़ोसी देश- पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को नागरिकता मिलनी शुरू हो जाएगी। लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार का यह बड़ा कदम है। मोदी सरकार के इस फैसले को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया आनी भी शुरू हो गई है। आइए जानते हैं कि CAA को लेकर नेताओं ने क्या कहा?

सीएए की अधिसूचना जारी करने पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा, “…ये उनका (भाजपा) आखिरी खेल चल रहा है। चलने दो, लागू होने दो, वे लोग ये खेल करते रहते हैं, जब तक चुनाव है तब तक वे CAA-CAA खेलेंगे, खेलने दो।”

पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, “गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही बताया था कि लोकसभा चुनाव से पहले CAA की अधिसूचना जारी हो जाएगी। किसी को भी इससे परेशानी नहीं है, लेकिन हमारी मुख्यमंत्री को इससे नींद नहीं आ रही है।”

सीएए के कार्यान्वयन पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के बयान पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा, “जो लोग चीजों को केवल राजनीतिक चश्मे से देखते हैं, उनकी राय अलग हो सकती है, मैं उस पर नहीं जाऊंगा, लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जो भी देश के हित में है, वह किया जाना चाहिए।”

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को दिसंबर 2019 में संसद ने मंजूरी दी थी। इसके चार साल बाद इसे लागू किया गया है। CAA नियम जारी किए जाने के बाद अब 31 दिसंबर 2014 तक बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत आए गैर-मुस्लिम प्रवासियों- हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई को भारतीय नागरिकता दी जाएगी।  

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