
पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती
नई दिल्ली: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में करीब हफ्ते भर का समय बचा है और इस बीच शंकराचार्यों में इस मुद्दे पर मतभेद की खबरें आ रही हैं। वहीं पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती का कहना है कि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शंकराचार्यों के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि शास्त्र सम्मत विधान से प्राण प्रतिष्ठा होनी चाहिए।
शास्त्र सम्मत विधान से हो प्राण प्रतिष्ठा
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा-यह बात गलत है राम मंदिर को लेकर शंकराचार्यों में मतभेद है। उन्होंने कहा-‘ श्री राम जी यथास्थान प्रतिष्ठित हों..यह आवश्याक है.. लेकिन शास्त्र सम्मत विधान का पालन करके ही उनकी प्रतिष्ठा हो यह भी आवश्यक है, प्रतिमा, विग्रह या मूर्ति में विधिवत भगवत तेज का सन्निवेश होता है। विधिवत पूजा प्रतिष्ठा नहीं होने पर डाकिन, शाकिनि, भूत-प्रेत चारों दिशाओं में छिन्न भिन्न मचा देते हैं। इसलिए शास्त्र सम्मत विधा से ही प्राण प्रतिष्ठा होनी चाहिए। इतनी सी बात है। इसलिए शंकराचार्यों में किसी तरह के मतभेद का सवाल नहीं है।







