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इस परिवार के 2 सैनिक बेटे दो महीने में हो गए देश के लिए शहीद, जानें पूरा मामला

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शहादत को सलाम।- India TV Hindi

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शहादत को सलाम।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बीते दिनों आतंकियों ने सेना की गाड़ी पर घात लगाकर हमला किया। इस हमले में भारतीय सेना के 5 जवान शहीद हो गए और करीब इतने ही घायल हैं। आपको बता दें कि जिन 5 सैनिकों की मौत हुई वे सभी उत्तराखंड के हैं। राज्य इस शहादत पर गर्व कर रहा है तो वहीं, सैनिकों के परिवार में शोक भी है। आपको बता दें कि यहां एक परिवार ऐसा भी है जिसके दो बेटे दो महीने के अंतराल में ही देश के लिए शहीद हो गए हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला।

एक ही परिवार के दो बेटे शहीद

दरअसल, उत्तराखंड के टिहरी में स्थित डागर गांव के एक परिवार दो बेटे दो महीने के अंतराल में देश के लिए शहीद हो गए हैं। इनमें से एक बेटा आदर्श नेगी बीते सोमवार को जम्मू-कश्मीर के कठुआ तो वहीं, दूसरा बेटा और आदर्श के चचेरे भाई मेजर प्रणय नेगी बीते अप्रैल में लेह में बीमारी से लड़ते हुए शहीद हो गया था। दोनों बेटों के जाने से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। 

शादी की बात चल रही थी

कठुआ में शहीद होने वाले जवान आदर्श नेगी साल 2018 में गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए थे। उनके पिता किसान थे। जानकारी के मुताबिक, आदर्श के माता-पिता शादी के लिए बातचीत भी कर रहे थे। लेकिन परिवार एक बेटे की शहादत से उभरा ही था कि दूसरा बेटा भी शहीद हो गया। स्थानीय विधायक, राज्य के सीएम पुष्कर धामी ने शहीद के पिता और परिवार को सांत्वना दी है। 

सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि

मंगलवार की शाम पांचों शहीदों के पार्थिव शरीर सैन्य विमान से देहरादून हवाई अड्डे पर पहुंचे। राज्य के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित दी। सीएम धामी ने कहा कि राष्ट्र रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हमारे अमर शहीदों को सभी देशवासी सदैव अपनी स्मृतियों में जीवंत रखेंगे। आप सैन्यभूमि उत्तराखण्ड के गौरव हैं और हम सभी प्रदेशवासियों को आप पर गर्व है।

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